Wednesday, August 23, 2006

ये कैसी शिक्षा ?

कट्टरता की ज़ुबानी है यह ख़बर. मध्य-पूर्व में फ़लस्तीन और इज़रायल संघर्ष यूं ही चलता रहेगा जब तक कि दोनों मुल्कों के लोग अपने लोगों को इस तरह शिक्षा देंगे. साढ़े तीन साल की बच्ची के दिमाग़ में इस तरह की शिक्षा देने का मतलब यही है कि क़ौमें अपने यहां भविष्य के आत्मघाती दस्ते तैयार कर रही हैं. भारत के संदर्भ मे जब शैक्षणिक सामग्री की सोचता हूं तो इसकी तुलना में अत्यल्प प्रतीत होता है. इक़रा टीवी सउदी अरब पर यह प्रसारण २००२ में किया गया था. आप स्वयं इस बच्ची बसमल्लाह के बयान ध्यान से सुनें. वैसे अंग्रेज़ी में ट्रांस्क्रिप्ट भी दी गई है.

4 Comments:

Anonymous संजय बेंगाणी said...

यहाँ पर रखा विडीयो मेरे यहाँ नहीं चल रहा, इस लिए देख नहीं पा रहा हूँ. वैसे एक लेख में अपने सागर भाई ने भी जिक्र किया था की किस प्रकार उन्हे ट्रेन में मिली एक बच्ची बोल रही थी "अल्लाह अच्छा हैं भगवान खराब हैं" यह उसे मदरसे में सिखाया गया था.
अंजाम-ए-वतन क्या होगा?

7:31 AM  
Blogger Udan Tashtari said...

इसी तरह से नादान मन मे कट्टर पंथिता भर दी जाती है...वाह री शिक्षा.

8:48 AM  
Anonymous Anonymous said...

The basis of Islam is hatred. I guess you also need to read http://faithfreedom.org/

No peace in th eworld is possible with Islam 's existence in the world.

5:39 AM  
Anonymous Tarun said...

सऊदी अरब वालों ने अपनी दिल की बात कहने के लिये बच्ची का उपयोग किया लगता है, इस्क्रिपट लगता है पहले से ही लिखी हुई थी। वैसे ये हैं ही ऐसे।

7:21 PM  

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